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Quantum Technology: यूरोप के पास 32% कंपनियाँ लेकिन सिर्फ़ 6% पेटेंट — कहाँ छूट रही है बढ़त?

By: Anjon Sarkar

On: Tuesday, October 14, 2025 2:04 PM

Quantum Technology
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दुनिया भर में जब क्वांटम तकनीक (Quantum Technology) को भविष्य की सबसे बड़ी वैज्ञानिक क्रांति के रूप में देखा जा रहा है, तब यूरोपीय संघ (EU) एक दिलचस्प स्थिति में खड़ा है। यूरोप के पास इस क्षेत्र में दुनिया की लगभग 32% कंपनियाँ हैं — यानी अमेरिका या चीन से कहीं ज़्यादा, लेकिन पेटेंट के मामले में यह क्षेत्र सिर्फ़ 6% योगदान देता है। यूरोपीय आयोग (European Commission) के संयुक्त अनुसंधान केंद्र (Joint Research Centre – JRC) की नई रिपोर्ट ने इस विरोधाभास को उजागर किया है और चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति बदली नहीं गई, तो यूरोप इस उभरती हुई तकनीक की दौड़ में पीछे रह सकता है।


Quantum Technology में यूरोप की स्थिति – कंपनियाँ बहुत, पेटेंट कम

JRC की नई नीति रिपोर्ट “Future Directions for Quantum Technology in Europe” के अनुसार, यूरोपीय संघ ने 2012 से 2024 के बीच €2 बिलियन से अधिक का निवेश क्वांटम टेक्नोलॉजी में किया है। इसके अलावा सदस्य देशों और निजी निवेशकों द्वारा भी भारी पूँजी लगाई गई है।

आज यूरोप के पास दुनिया की लगभग एक-तिहाई क्वांटम कंपनियाँ हैं — अमेरिका के करीब 25% और चीन के 5% की तुलना में यह एक बड़ी उपलब्धि है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से आधी से अधिक कंपनियाँ 2018 के बाद बनी हैं, जो बताता है कि यूरोप में इस क्षेत्र की नवाचार गति तेज़ी से बढ़ रही है।

लेकिन पेटेंट की स्थिति इस उत्साह को संतुलित करती है। वैश्विक स्तर पर चीन 46% पेटेंट के साथ आगे है, जबकि अमेरिका 23% पर है। यूरोप सिर्फ़ 6% पेटेंट का योगदान दे रहा है — यानी नवाचार तो हो रहा है, पर उसे संरक्षित करने और व्यवसायिक रूप देने की गति धीमी है।


EU Quantum Strategy: दिशा सही, पर ज़रूरत है फोकस की

यूरोपीय आयोग ने हाल ही में EU Quantum Strategy की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य यूरोप को “Quantum Powerhouse” बनाना है। JRC रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि इस दिशा में काम सही चल रहा है, लेकिन EU प्रोग्राम्स की विखंडन (fragmentation) समस्या बनती जा रही है।

वर्तमान में कई सदस्य देशों के अपने-अपने क्वांटम प्रोग्राम हैं, जिनमें समन्वय की कमी है। इससे धन का उपयोग बिखर जाता है और बड़ी कंपनियों को स्केल-अप (विस्तार) करने में दिक्कत होती है। रिपोर्ट कहती है कि अब समय आ गया है कि यूरोपीय संघ अपनी नीतियों को एकीकृत करे, छोटे प्रोजेक्ट्स की बजाय बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करे और कंपनियों को इंडस्ट्रियल लेवल पर आगे बढ़ाने में मदद करे।


Quantum Technology क्यों है इतनी अहम?

क्वांटम टेक्नोलॉजी भविष्य की दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है। यह हमारी कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग क्षमताओं को पूरी तरह से नया आकार दे सकती है।

क्वांटम कंप्यूटर उन जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता रखते हैं जो आज के सुपरकंप्यूटर भी नहीं कर सकते। चाहे नई दवाओं की खोज हो, जलवायु परिवर्तन के मॉडल हों या उन्नत साइबर सुरक्षा — क्वांटम कंप्यूटिंग हर क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।

क्वांटम कम्युनिकेशन के ज़रिए पूरी तरह सुरक्षित संदेश भेजना संभव होगा, क्योंकि यह क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतों पर आधारित होता है। वहीं, क्वांटम सेंसर पृथ्वी के चुंबकीय या गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में सूक्ष्म बदलावों को पकड़ सकते हैं, जो चिकित्सा, पुरातत्व और GPS-रहित नेविगेशन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी होंगे।

यानी, क्वांटम टेक्नोलॉजी सिर्फ़ एक वैज्ञानिक प्रयोग नहीं बल्कि यूरोप की आर्थिक सुरक्षा, रक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा का आधार बन सकती है।


Quantum Technology में सहयोग की भूमिका

JRC रिपोर्ट यह भी बताती है कि यूरोप के क्वांटम क्षेत्र की ताकत उसका सहयोगी स्वभाव है। वर्तमान में यूरोपीय पेटेंट आवेदनों में से लगभग 23% गैर-यूरोपीय साझेदारों (मुख्यतः अमेरिका) के साथ संयुक्त रूप से किए जाते हैं।

इसके अलावा, यूरोप क्वांटम स्टैंडर्डाइजेशन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। European Committee for Standardization (CEN), Electrotechnical Standardization (CENELEC) और European Telecommunications Standards Institute (ETSI) जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर यूरोप क्वांटम टेक्नोलॉजी के वैश्विक मानक तय करने में आगे बढ़ रहा है।

यह संतुलन जरूरी है — ताकि यूरोप वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे सके और साथ ही अपनी इंडस्ट्री के हितों की रक्षा भी कर सके।


भविष्य की दिशा – एकजुट प्रयासों की ज़रूरत

JRC विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप के पास क्षमता, निवेश और शोध तीनों हैं, लेकिन सफलता के लिए अब एकीकृत दृष्टिकोण और व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर ध्यान देना ज़रूरी है।

रिपोर्ट यह सुझाव देती है कि EU को अपने बिखरे हुए कार्यक्रमों को जोड़कर एक सशक्त औद्योगिक नीति बनानी चाहिए, जो स्टार्टअप्स को स्केल-अप करने में मदद करे, नए कौशल वाले लोगों को जोड़े, और अनुसंधान को बाज़ार तक पहुँचाए।


निष्कर्ष

यूरोप के पास Quantum Technology के क्षेत्र में वह सब कुछ है जो उसे एक वैश्विक नेता बना सकता है — प्रतिभा, निवेश, और सहयोग। लेकिन पेटेंट और इंडस्ट्रियल स्केल पर कमज़ोर प्रदर्शन यह दिखाता है कि नीति और दिशा में सुधार की सख्त ज़रूरत है।

अगर यूरोपीय संघ अपने प्रयासों को एकजुट कर लेता है, तो आने वाले वर्षों में यह दुनिया के सबसे मजबूत क्वांटम इकोसिस्टम के रूप में उभर सकता है — जहाँ विज्ञान, उद्योग और नवाचार साथ मिलकर भविष्य की तकनीकी क्रांति को आगे बढ़ाएँगे।


Disclaimer:

यह लेख यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र (JRC) द्वारा जारी रिपोर्ट “Future Directions for Quantum Technology in Europe” पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। लेख में व्यक्त विचार किसी भी सरकारी नीति या संस्था के आधिकारिक मत का प्रतिनिधित्व नहीं करते।

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